घरों तक पहुंचेगा सरकारी बैंक , मिलेगी जमा निकासी सुविधा

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 अब सरकारी बैंक आपके दरवाजे तक पहुंचेंगे। इस वर्ष अक्टूबर से ग्राहक घर पर भी नकदी जमा कराने और निकासी की सुविधा ले सकेगें। शुरुआत में 100 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस काम के लिए अलग से डोरस्टेप बैंकिंग एजेंट नियुक्त किए जाएंगे। देश के सभी सरकारी बैंक डोरस्टेप बैकिंग सुविधा देगें। घर के दरवाजे पर वित्तीय सेवा हासिल करने के लिए मामूली शुल्क भी देना पड़ेगा। अभी हाल ही में 9 सितंबर को डोरस्टेप बैंकिंग सेवा का अनावरण किया गया।  डोरस्टेप बैकिंग सेवा में वरिष्ठ नागरिक , विधवा , विकलांग, आर्मी स्टाफ , सीआरपीएफ , छात्र , सैलरी वालें कर्मचारी , कारपोरेट ग्राहक , खुदरा दुकानदार , और रेहड़ी पटरी वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। कस्टमर केयर , बेव पोर्टल और मोबाइल एप के जरिये ग्राहक डोरस्टेप बैंकिंग सेवा की गुजारिश कर सकता है। अभी चेक बुक हासिल करने और डिमांड ड्राफ्ट व डिपाँजिट रसीद मंगाने जैसी - गैर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध है। डोरस्टेप बैकिंग के तहित सेेवा की मााँँग करते ही एजेंंट के पास इसकी सूचना चली जाएगी। ग्राहक एप या पोर्टल के जरिये यह जानकारी रख सकता है , कि उस वक्त ऐजेंट कहाँ पर ह...

भारत बना दुनिया का सोलर बैंक

 भारत तेजी से दुनिया का सोलर बैंक बनता जा रहा है। इस क्षेत्र में अपनी बढ़ती क्षमता के दम पर भारत 47 देशों में सौर परियोजनाएं विकसित करने में मदद करेगा। इन देशो की सूचींं में विकासशील एवं पिछड़े देश शामिल हैं। ये सभी देश  इंटरनेशनल सोलर अलायंस  के सदस्य है।



ISA द्वारा वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित वल्ड सोलर टेक्नोलॉजी समिट में ISA एवं भारत के नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इस संबंध में समझौते किए गये। इसके तहित पिछड़े देशो में सौर परियोजनाओं के विकास में भारत मदद करेगा।

विभिन्न देशो में सौर परियोजनाएं विकसित करने में बिजली उत्पादन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी NTPC मुख्य भूमिका निभाएंगी। भारत पिछले दो साल से 15 देशो में 27 सौर परियोजनाओं के विकास में पहले से ही मदद कर रहा है। भारत AXIM बैंक के माध्यम से इन देशोंं को 1.4 अरब डाँलर की सहायता भी दे रहा है।




भााा तेेजी से सौर उपकरणों का मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन  रहा है। पैट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंंत्री धर्मेंद्र प्रधान नेे बताया कि भारत के समक्ष 10,000 मेगावाट क्षमताा के सौर उपकरण निर्माण का प्रस्ताव आया है। 

अब देश में सौर परियोजनाओं की लागत कम करने और इससे जुड़ी आधुनिक तकनीक को विकसित करने का काम किया जा रहा है। सरकार की हरित ऊर्जा पहिल के तहित पांच साल में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा संचालित 50 फीसदी पैट्रोल पंपों को सौर ऊर्जा संचालित करने का लक्ष्य है। व 2022 तक नवीन व नवीनीकरण ऊर्जा के क्षेत्र में बिजली का उत्पादन 2.20 लाख मेगावाट करने का लक्ष्य है।




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