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घरों तक पहुंचेगा सरकारी बैंक , मिलेगी जमा निकासी सुविधा

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 अब सरकारी बैंक आपके दरवाजे तक पहुंचेंगे। इस वर्ष अक्टूबर से ग्राहक घर पर भी नकदी जमा कराने और निकासी की सुविधा ले सकेगें। शुरुआत में 100 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस काम के लिए अलग से डोरस्टेप बैंकिंग एजेंट नियुक्त किए जाएंगे। देश के सभी सरकारी बैंक डोरस्टेप बैकिंग सुविधा देगें। घर के दरवाजे पर वित्तीय सेवा हासिल करने के लिए मामूली शुल्क भी देना पड़ेगा। अभी हाल ही में 9 सितंबर को डोरस्टेप बैंकिंग सेवा का अनावरण किया गया।  डोरस्टेप बैकिंग सेवा में वरिष्ठ नागरिक , विधवा , विकलांग, आर्मी स्टाफ , सीआरपीएफ , छात्र , सैलरी वालें कर्मचारी , कारपोरेट ग्राहक , खुदरा दुकानदार , और रेहड़ी पटरी वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। कस्टमर केयर , बेव पोर्टल और मोबाइल एप के जरिये ग्राहक डोरस्टेप बैंकिंग सेवा की गुजारिश कर सकता है। अभी चेक बुक हासिल करने और डिमांड ड्राफ्ट व डिपाँजिट रसीद मंगाने जैसी - गैर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध है। डोरस्टेप बैकिंग के तहित सेेवा की मााँँग करते ही एजेंंट के पास इसकी सूचना चली जाएगी। ग्राहक एप या पोर्टल के जरिये यह जानकारी रख सकता है , कि उस वक्त ऐजेंट कहाँ पर ह...

घरों तक पहुंचेगा सरकारी बैंक , मिलेगी जमा निकासी सुविधा

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 अब सरकारी बैंक आपके दरवाजे तक पहुंचेंगे। इस वर्ष अक्टूबर से ग्राहक घर पर भी नकदी जमा कराने और निकासी की सुविधा ले सकेगें। शुरुआत में 100 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस काम के लिए अलग से डोरस्टेप बैंकिंग एजेंट नियुक्त किए जाएंगे। देश के सभी सरकारी बैंक डोरस्टेप बैकिंग सुविधा देगें। घर के दरवाजे पर वित्तीय सेवा हासिल करने के लिए मामूली शुल्क भी देना पड़ेगा। अभी हाल ही में 9 सितंबर को डोरस्टेप बैंकिंग सेवा का अनावरण किया गया।  डोरस्टेप बैकिंग सेवा में वरिष्ठ नागरिक , विधवा , विकलांग, आर्मी स्टाफ , सीआरपीएफ , छात्र , सैलरी वालें कर्मचारी , कारपोरेट ग्राहक , खुदरा दुकानदार , और रेहड़ी पटरी वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। कस्टमर केयर , बेव पोर्टल और मोबाइल एप के जरिये ग्राहक डोरस्टेप बैंकिंग सेवा की गुजारिश कर सकता है। अभी चेक बुक हासिल करने और डिमांड ड्राफ्ट व डिपाँजिट रसीद मंगाने जैसी - गैर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध है। डोरस्टेप बैकिंग के तहित सेेवा की मााँँग करते ही एजेंंट के पास इसकी सूचना चली जाएगी। ग्राहक एप या पोर्टल के जरिये यह जानकारी रख सकता है , कि उस वक्त ऐजेंट कहाँ पर ह...

भारत बना दुनिया का सोलर बैंक

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 भारत तेजी से दुनिया का सोलर बैंक बनता जा रहा है। इस क्षेत्र में अपनी बढ़ती क्षमता के दम पर भारत 47 देशों में सौर परियोजनाएं विकसित करने में मदद करेगा। इन देशो की सूचींं में विकासशील एवं पिछड़े देश शामिल हैं। ये सभी देश  इंटरनेशनल सोलर अलायंस  के सदस्य है। ISA द्वारा वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित वल्ड सोलर टेक्नोलॉजी समिट में ISA एवं भारत के नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इस संबंध में समझौते किए गये। इसके तहित पिछड़े देशो में सौर परियोजनाओं के विकास में भारत मदद करेगा। विभिन्न देशो में सौर परियोजनाएं विकसित करने में बिजली उत्पादन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी NTPC मुख्य भूमिका निभाएंगी। भारत पिछले दो साल से 15 देशो में 27 सौर परियोजनाओं के विकास में पहले से ही मदद कर रहा है। भारत AXIM बैंक के माध्यम से इन देशोंं को 1.4 अरब डाँलर की सहायता भी दे रहा है। भााा तेेजी से सौर उपकरणों का मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन  रहा है। पैट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंंत्री धर्मेंद्र प्रधान नेे बताया कि भारत के समक्ष 10,000 मेगावाट क्षमताा के सौर उपकरण निर्माण का प्रस्ताव आया है।  अब देश ...

GST रिफंड में हो रहा हजारों करोड़ का झोल

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GST रिफंड के नाम पर देश भर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कई कारोबारी फर्जी कंपनियों के नाम पर हजारों करोड़ का जीएसटी रिफंड ले रहे है। इन मामलो को देखते हुये अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क विभाग ( CBIC ) निर्यातकोंं से लेकर घरेलू स्तर के कारोबारियों को नोटिस भेजकर सबाल - जवाब कर रहा है। CBIC के सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के मामले में देशभर में कम - से - कम 24 से 25 हजार करोड़ रुपये के घपले की जाँच की जा रही है । कई मामले में जाँच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन कोरोना के चलते कार्रवाई को टाल दिया है। कोरोना काल में GST कलैक्शन में पहले से ही गिरावट चल रही है। ऐसे में कार्रवाई शुरू होने पर कारोबारियों के बीच विपरीत संदेश जाएगा। इससे कलैक्शन भी प्रभावित हो सकता है।  हाँलाकि GST के नाम पर होने वाले घपले को रोकने के लिए सीबीआइसी ने अगस्त में GST रजिस्ट्रेशन के लिये आधार अनिवार्य कर दिया। आधार वेरिफिकेशन नहीं कराने वाले कारोबारियों के पते का सीबीआइसी अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्रेशन हो पाएगा। CBIC केे मुुुताबिक जीएसटी जालसाजी के अधिकतर मामलों मेंं जीएसटी दिए बगैर कारोबारी इनप...

भाषा की महत्ता समझे

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 नई शिक्षा नीति की सबसे विशिष्ट बात भारतीय भाषाओं को भी महत्व देना है। और यदि नई शिक्षा नीति के पालन में भारतीय भाषा के प्रति लगाव पैदा किया जा सके , तो एक महान कार्य हो सकता हैं। बरना हम पश्चिमी भाषा के गुलाम बनते चले जाएंगे।  महान कवि और समाज सुधारक अज्ञेय जी कहना था , कि भाषा कल्पवृक्ष है। श्रद्धापूर्वक जो उससे मांगो , वह देती है। यदि उससे कुछ मांगा ही न जाय तो कल्पवृक्ष भी कुछ नहीं देता है। दुर्भाग्यवश अतीत में भाषा का प्रशन  झूठी समझ और राजनीति में फंसकर उपेक्षित रहा । हम भूल गए कि भाषा के साथ मनुष्य का संबंध क्या हैं? याद रहे पहले भाषा ही हमे बनाती है। जिस भाषा को हम जन्म से ही सुनते , जानते है। और जिस परिवेश में रहते है उसी से हम जाने जाते है। यदि उसी की उपेक्षा कर बचपन से ही अन्य भाषा की आराधना हो तो , बच्चे प्रायः किसी भाषा पर अधिकार नही कर पाते । और उनका व्यक्तित्व अधूरा ही रह जाता है। विश्व के सभी शिक्षा चिंतको ने माना है। कि बच्चों को अपनी भाषा पहले अच्छी तरह सीखनी चाहिए। इसके लिए भाषा का श्रेष्ठतम साहित्य पढ़ना ही एक मात्र साधन है अभी यहाँ ऐसा नही हो रहा है। ल...

Biography of Bharat Ratna Pranav Mukherjee

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सक्रिय राजनीति को चार दशक से भी ज्यादा दे चुके प्रणब मुखर्जी को उनके तेज दिमाग , शानदार याददाश्त , चलती - फिरती एनसाइक्लोपीडिया , संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ और संसद के कायदे - कानूनों का पालन करने वाले नेता के तौर पर जाना गया। वह देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति रहे जिनके पास सक्रिय राजनीति का इतना लंबा अनुभव था। जुुुलाई 1969 में रााज्यसभा की सबसे पीछे वाली सीट पर बैैैठकर अपना रााजनीतिक सफर शुरू किया। और जुलाई 2012 में देश के सर्वोच्च नागरिक (राष्ट्रपति)  बनकर उन्होंने सक्रिय राजनीति को अलविदा कहा।  प्रणव मुखर्जी ने अपने राजनीतिक दौर को तीन पुस्तकों में समेटा। इनकी तीन पुस्तकें है। 1 -  द  ड्रामैटिक डिकेड : द इंदिरा गांधी इयर्स 2 -  द  टर्बुलेन्ट इयर्स 3 -  द  कोएलीशन इयर्स प्रणव मुखर्जी का पोल्टू से प्रथम नागरिक तक का सफर **  11 दिसंबर 1935 : बीरभूम के मिराती में जन्म। **  शिक्षा -  एम.ए ( राजनीतिक विज्ञान ) , एम.ए (इतिहास)        एल.एल.बी  **  13 जुलाई  1957 : सुभ्रा मुखर्जी से शादी। **  जुलाई 1...

दुनिया की सबसे ऊंची सड़क सुरंग बनकर तैयार

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 भारत में दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग बनकर तैयार हो गई है।और सितंबर 2020 से आम लोगों की आवाजाही के लिए खोल दी जाएंगी। यह सुरंग हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के पास बनाई गई हैं। शुरुआत में यह परियोजना 8.8 किमी लंबी थी , लेकिन पूरा होने के बाद ली गई GPS रीडिंग में इसकी लम्बाई 9 किमी निकली है। पहले इस सुरंग का नाम रोहतांग सुरंग था जिसे अभी बदलकर अटल सुरंग कर दिया गया। सुरंग की विशेषताएं **  यह सुरंग 10 हजार फीट की ऊंंचाई पर स्थित है। **  इस सुरंग में प्रत्येक 150 मीटर की दूरी पर एक टेलीफोन        है। **  इस सुरंग में प्रत्येक 250 मीटर की दूरी पर आँटोमेटिक          इंसीडेंट डिटेक्टिव सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरे लगे        है। **  इस सुरंग में प्रत्येक 60 मीटर की दूरी पर अग्निरोधी              उपकरण मौजूद हैं। **  इस सुरंग में प्रत्येक 500 मीटर पर आपातकालीन                निकास है , और प्रत्येक 2.2 किमी पर गुफानुमा मोड़ है। ...

भारत के नीलकंठ भानु बने दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलेटर

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लंदन मे आयोजित माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड (MSO) में मानसिक गणना विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर नीलकंठ भानु प्रकाश ने दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलेटर के रूप में ख्याति हाशिल की है।  नीलकंठ भानु दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस काँलेज से गणित में स्नातक कर रहे है। वह माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड प्रतियोगिता जीतने वाले पहले भारतीय बने है।  भानु का गणित से दोस्ती का सफर नीलकंठ भानु ने बताया कि गणित से दोस्ती का सफर पाँच वर्ष की उम्र में शुरू हुआ था। दरअसल वे 5 साल की उम्र में एक हादसे का शिकार हुयें थे। जिससे उनके सिर में चोट लगी थी। इसके बाद वह पूरे वर्ष बिस्तर पर पड़े रहे। वही चिकित्सको ने कहा था कि उनकी देखने - सुनने - समझने की क्षमता पर चोट का असर पड़ सकता है। तो वो अपने दिमाग को व्यस्त रखने के मकसद से अखवारों में छपने वाली गणित की गुत्थियों को सुलझाने लगे।                                              शुरुआत में स्कूली स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लि...

B व C ग्रुप की सरकारी नौकरियों के लिए अब एक काँमन टेस्ट CET

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सरकारी भर्ती प्रक्रिया में सुधार की बड़ी पहल करते हुऐ केन्द्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) के गठन को मंजूरी दे दी हैं। इसके तहित अब ग्रुप B और C के नाँँन टेक्निकल पदो पर भर्ती के लिए आवेदकों को एक ही आँनलाईन काँमन एलिजिबिलिटी टेस्ट  (CET) देना होगा। इस टेस्ट के आधार पर वे अलग - अलग विभागों में भर्ती के लिए मुख्य परीक्षाओं में शामिल होने के लिए पात्र होगें। CET में सफल अभ्यर्थी तीन साल सीधे मुख्य परीक्षा दे सकेगा।  CET की प्रमुख विशेषताएं -- **  राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी साल में 2 बार CET का आयोजन           करेगी। **  CET के रजिस्ट्रेशन से लेकर परीक्षा व मेरिट लिस्ट सब          आँनलाइन होगी। **  12 लोकल भाषाओं में दिया जाएगा CET में शामिल            होने का विकल्प। **  10वी , 12 वी और स्नातक पास आवेदको के लिए होगे        अलग - अलग  टेस्ट। **  मानक पाठ्यक्रम के आधार पर पूछे  जाएंगे प्रश्न। **  सुरक्षा के उच्च मापदंड अपनाए जाएंग...

लो आ गई किसानों के लिए खुशहाली लाने वाली किसान ट्रेन

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  भारतीय कृषि की बदहाली की बड़ी बजह यह रही है , कि यहाँ सभी फसलो के उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया गया।  इसके अलावा कृषि उपज के भंडारण, विपणन, प्रसंस्करण की ऐकीकृत नीति भी नहीं बन पाई। यही कारण हैं कि कभी आलू , तो कभी प्याज , तो कभी टमाटर सड़को पर फेंके जाते हैं। और कभी - कभी इनके मूल्य इतने ज्यादा हो जाते है कि आम आदमी को लेने पसीना छूट जाता हैं।                                लेकिन अब यह समस्या दूर होने वाली है। भारतीय रेलवे ने देश के एक छोर से दूसरे छोर तक ताजी सब्जी , फल , फूल आदि पहुंचाने के लिए किसान रेल सेवा  शुरू की हैं। गत दिनों पहली किसान पार्सल ट्रेन महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच चली। यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है। एक तरह से यह पटरी पर दौड़ता हुआ कोल्ड स्टोरेज हैं। यह ट्रेन मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। और 14 स्टेशनों पर रुकेगी। जहाँ छोटे- बड़े सभी किसान अपनी सब्जियों , फलों एवं अन्य खाद्य सामग्री की बुकिंग करा सकेंगे।          ...

जय - जय - जय जन गण वन्दन गीत

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जय - जय - जय जन गण वन्दन, भारत माँ का यह पावन सरगम । सुर संस्कृति की नदियों में बहती, धाराओं का अविरल स्पन्दन। इस सरगम का धर्म आन हैं, नीतिवान और पौरूष हैं इसकी शान। पर हम भूल गये थे ये सरगम, याद रहा केवल अपना मन। हम बने अनेकों से बसे अनेको में, पर मन बसता इस इस सरगम में। ऐसे सरगम की जयगाथा में, हम राष्ट्र धर्म का करते वन्दन। जय - जय - जय जन गण वन्दन, भारत माँ का यह पावन सरगम। आज खड़े नमन कर रहे, अपनी झाँसी रानी का बलिदान। और संजो रहे अपनी स्मृतियों में, अमर सपूतों का गुणगान। ऐसी बलिदानी माटी से सृजित हुआ, यह तीन रंगों का पावन परचम। जय - जय - जय जन गण वन्दन, भारत माँ का यह पावन सरगम। पुष्पांजलि हम अर्पित करते, सरगम के इस अर्चन की। ऐसे अर्चन से फलीभूत हो, हम सबके अन्तः समन। राष्ट्र धर्म का ऐसा पावन सरगम, अब क्यों भूलते जा रहे है हम। आज इस सरगम की वर्षगांठ पर, हम सब करते है अभिनन्दन। जय - जय - जय जन गण वन्दन, भारत माँ का यह पावन सरगम।

कृष्ण एक नाम नहीं जीवन की सीख हैं

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होठों पर मुरली, गले मे पीताम्बर, सिर पर मोर मुकुट लगाये, भगवान कृष्ण जिनका नाम सुनते ही हर किसी का सिर श्रद्धा से झुक जाता है। ऐसे भगवान श्री कृष्ण जिन्होंने अपना सारा जीवन मानव कल्याण के लिये लगाया। उनके द्वारा कही गई एक - एक वाणीं इस मानव जीवन के लिए वरदान हैं।                                            किन्तु अब समय बदल गया है। अब हमारा समाज आधुनिकता की ओर बड़ रहा है। और ये सही भी है, परिवर्तन संसार का नियम है। कृष्ण भी कहते है कि -  " विनाश ही नये स्रजन की नीव है "  किन्तु आज का युवा इस नये दौर की भागदौड़ में इस तरह खो गया हैं, कि उसके नीति, चरित्र, समाज के प्रति कर्तव्य आदि सब का बिनाश हो रहा है। ऐसे में अगर वह भगवान श्री कृष्ण के द्वारा भगवत गीता में कही गई बातों का अपने जीवन में थोड़ा भी अनुसरण कर ले तो उसे इस भागदौड़ भरे जीवन में शांति, संतुष्टि और सही मायने में जीवन जीने की सीख मिलेगी। भगवान श्री कृष्ण के द्वारा गीता में कही गई कुछ बातों अंश  ●●●  कर्म क...

अब नागर शैली में बनेगा भव्य राम मन्दिर

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 मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जिनका नाम सुनते ही हर किसी का सिर श्रद्धा से झुक जाता हैं। अब वर्षों बाद उनका भव्य मंदिर अयोध्या में बनने जा रहा है। मंदिर की भव्यता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है , कि मंदिर के पुराने मौडल को परवर्तित करके अब नया मौडल तैयार किया गया है। जिससे कि मंदिर और भी ज्यादा भव्य बने।  मंदिर की ऊँचाई में 33 फीट की वृद्धि पुराने डिजाइन में मंदिर की प्रस्तावित ऊँँचाई 128 फीट थी , किन्तु देश - विदेश के करोड़ों लोगों की मंदिर में गहिन आस्था के चलते मंदिर के डिजाइन को परवर्तित किया गया है। अब मंदिर और भी ज्यादा भव्य बनेगा। और अब मंदिर की नई ऊँचाई 161 फीट होगी। मंदिर में अब तीन कि जगह पाँच गुम्बद होगे मंदिर की भव्यता को और भी ज्यादा बढाने के लिए अब मंदिर मे गुम्बदों की संख्या को तीन से बढ़ाकर पांच कर दिया है। राम मंदिर की पाँचों गुम्बदों के नीचें के हिस्से मे चार हिस्से होगे, जिसमे सिंहद्वारा , नृत्यमंडप और रंगमंडप होगी। यहाँ श्रद्धालुओं के बैठने, विचरण करने के लिए स्थान रहेगा। मंदिर अब 2 नहीं 3 मंजिल का होगा राम मंदिर के प्रस्तावित नये माँडल में अब भवन ...

कालापानी का खौफनाक सच

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कालापानी जिसका नाम सुनकर 1900 के दशक के लोग थर-थर कापने लगते थे। कालापानी जिसे पृथ्वी के नरक की संज्ञा दी गई थी , लोग कालापानी की सजा कि बजाय मरना पसंद करते थे। और आज भी किसी बुजुर्ग व्यक्ति से कालापानी के इतिहास के बारे मे पूछने पर उनकी आँखों में  वो डर नजर आ जाता हैं। किन्तु आज की पीढी के लोग कालापानी के खौफनाक इतिहास से अनभिज्ञ है। आइये इस लेख में हम लोग उस कालापानी के काले इतिहास के बारे मे जानने की कोशिश करते है। कालापानी या जिसे सेलुलर जेल के नाम से भी जाना जाता हैं, जिसका निर्माम अंग्रेजों ने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में कराया था। अंग्रेजों द्वारा यह जेल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियोंं को कैद रखने के लिए बनाई गई थी। यह जेल भारत से कई किलोमीटर दूर बीच समुद्र मेंं बनी थी। और एक बार जो भी इस जेल मे आ जाता था , बो कभी भी बाहर नहीं निकल पाता था और अपने मरते दम तक कड़ी से कड़ी यातनाएं सहन करते थे। जिस किसी को भी कालापानी की सजा मिली , उसे जीते-जी नरक में भेज दिया गया। यह सजा मौत से भी बदतर है। कालापानी जेल का निर्माण कालापानी जेल का निर्माण 1896 मे प्...

नई शिक्षा नीति 2020

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देश मे नई शिक्षा नीति का बिल पारित हो चुका है। और शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि शिक्षा नीति को बनाने के लिए देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों , 6600 ब्लॉक और 676 जिलों के शिक्षाविदों , अध्यापकों, अभिभावकों और छात्रों तक से सलाह ली गई हैं।  इस शिक्षा नीति ने देश की शिक्षा का स्वरूप ही परवर्तित परवर्तित कर दिया है। नई शिक्षा नीति के मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं। (1) -  10+2 की जगह 5+3+3+4 के पैटर्न पर  अब स्कूली शिक्षा का ढ़ाचा चार स्तर का होगा। जिनमें पहला फाउंडेशन स्तर होगा, जो 5 साल का होगा। फिर प्रारंभिक स्तर और मिडिल स्तर तीन- तीन साल के होगे। और सेकेंडरी स्तर चार साल का होगा।                           इसमें फाउंडेशन स्तर प्री- प्राइमरी से लेकर दूसरी कक्षा तक के लिए होगा। प्रारम्भिक स्तर कक्षा तीन से पांच , मिडिल स्तर कक्षा छह से आठ और सेकेंडरी स्तर कक्षा 9 से 12 तक के लिए होगा।   (2) -  अब अपनी मर्जी से चुनें विषय भविष्य की जरूरत को देखकर युवाओं को अब अपनी मर्जी के हिसाब से अपना पसंदीदा विषय चुनने ...

क्या Railway ने आधी vacancy खत्म कर दी हैं ?

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जहाँ एक तरफ देश के लाखों प्रतियोगी अभ्यार्थी दिन- रात कडी़ मेहनत करके अपने लिए सरकारी नौकरी पाने की आस लगाये बैठे हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकारें उन अभ्यार्थियों के मंसूबों पर पानी फेरती नजर आ रहीं हैं।                                     अभी हाल हीं में हुई Rail मंत्री प्यूष गोयल की अध्यक्षता वाली कमेटी में ये फैसला लिया गया है कि रेलवे अपने आधे पद समाप्त कर देगा। और भारतीय रेलवे PPP  माँडल की तरफ अग्रसर होगी| रेलवे की special committee की रिपोर्ट आई है। जिसमें  बताया गया है कि रेलवे की कुल कमाई का लगभग 60 प्रतिशत कर्मचारियों के बेतन, भत्ते आदि मे खर्च हो जाता है। और 38.50 प्रतिशत के लगभग और Renovation and maintain Charge मे खर्च हो जाता है।                               अगर रेलवे की डाटा कमिटी की बात करें तो रेलवे की 100 रूपये की कमाई में 98.50 रुपये का खर्चा हो जाता है। इस तरह से रेलवे का overall profit  1.50 प...

क्यों CORONA का स्थाई तौर पर टीका बनाना सम्भव नहीं

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जी हाँ आपने सही सुना हैं। कि CORONA VIRUS का स्थाई तौर पर टीका बनाना सम्भव नहीं हैं। क्या आप जानते हैं ऐसा क्यो? चलिये हम आपको बताते हैं। इसके लिए आप इन points को ध्यान से पढ़े , तो आप खुद ही समझ जाऐंगे। 1 -   कोरोना वायरस विषाणुओ का एक बड़ा समूह हैं जो इंसानों में सामान्य जुखाम से लेकर श्वसन तंत्र तक की गम्भीर समस्या पैदा कर सकता है। और काफी गंभीर मामलो में निमोनिया , SARS और MERS जैसी जानलेवा बीमारियाँ भी हो सकती है।          लेकिन क्या आप जानते है, कि ये कोई नई बीमारियाँ नही है । इन सब बीमारियों की दबा हमारे पास मौजूद हैं। तब आप जानना चाहते हैं , कि कोरोना मे ये दबा क्यों असर नहीं करती है।      तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा , कि सब खेल आपकी immunity system का है। अगर आपका immunity system अच्छा है तो इस virus का आप के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पडेगा।         आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आज हर एक फार्मा कम्पनी कोरोना की vaccine बनाने मे लगी हुई हैं। और उस vaccine का कार्य आपके immunity system को instantly boost करना होगा। जि...

आओ जाने हम कौन-कौन से देश कि कम्पनियो के सामानो का उपयोग करते है?

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1-  WATCH COMPANY NAME                COUNTRY FASTRACK                              INDIA TITAN                                       INDIA MAXIMA                                  INDIA PRESTIGE                                INDIA AJANTA                                    INDIA SONATA                                    INDIA TIMEX                            ...